ज्वार भाटा क्या हैं ज्वार भाटा समुंदर की अस्थिर गतियों में से एक हैं इसके फल स्वरूप सागर जल सागर तल से कभी ऊपर और कभी नीचे होता हैं इस क्रिया को ज्वार-भाटा कहते हैं समुंदर जल के ऊपर उठने अथवा आगे बढ़ने को ज्वार (tide) कहते हैं और नीचे गिरने या पीछे लौटने को भाटा (Ebb) कहते हैं मरे के अनुशार सूर्य और चंद्रमा की आकर्षण शक्ति के कारण समुंदर जल के नियमित रूप से उठने और नीचे गिरने की क्रिया को ज्वार भाटा कहते हैं आधार कार्ड डाउनलोड करे बिना मोबाइल नम्बर के ? जवार की उतपत्ति:-पृथ्वी के महासागर जल में ज्वाल की उत्पत्ति चंद्रमा और सुर्यके आकर्षण बलों द्वारा होती हैं चंद्रमा सुर्य की अपेक्षा पृथ्वी के अधिक समीप रहती हैं इसलिए चंद्रमा का प्रभाव अधिक होता है चंद्रमा की आकर्षण शक्ति का प्रभाव इसके सामने स्थित भाग पर अधिक होता हैं जबकि पीछे स्थित भाग पर न्यूनतम इस आकर्षण शक्ति के फलस्वरूप महासागरों का जल ऊपर खिच जाता हैं जिस कारण उच्च ज्वार अनुभव किया जाता हैं इस स्थान के ठीक पीछे भी एक उच्च ज्वार अनुभव किया जाता हैं क्योंकि पृथ्वी के आगे की ओर खिच जाने के कारण जल ऊपर उआठा द...
एल्वन:प्रेरणाश्रोत कहानी परिचय :- संगीत किसी भी संस्कृति की आत्मा होती हैं और भारत में संगीत की सुदीर्घ परम्परा रही हैं भारतीय संगीत का इतिहास अति जतील हैं । इसका उदभाव शास्त्रीय संगीत से हुआ और इसमें पशिचमी तत्त्व समाहित हो गये हैं और यह संयोजक हमारी आत्मा के साथ प्रतिधवनित होता हैं यह कहा जाता हैं की पृथ्वी पर नारद मुनि ( ऋषि ) ने संगीत कला को शुभारंभा किया था उन्होंने नारदभरहम नामक पूरे ब्रह्मांड में व्याप्त धवनि के विषय में भी यहाँ के निवासियो को बताया था सिंधु घाटी के सभ्यता के स्थलों पर सात -छिर्दो वाली बाशूरि और रावणहत्था जैसे संगीत वाध पाए गए हैं प्रेरणाश्रोत कहानी :एलवान अशोक का स्तंभ :history of ashok हमें पहली बार दो हज़ार वर्ष पहले वेदिक काल में संगीत साहित्यक प्रमाण मिलता है राग ( खरहरप्रिया ) के सभी सातों स्वर में साम वेद में अवरोही क्रम में पाए जा सकते है संगीत विज्ञान को गंधरव वेद कहा जाता है यह सामवेद का उपवेद है वीना के कुछ भागो का उल्लेख एतरेय आरण्य में आता हैं जैमिनि भ्रह्मन सामूहिक रूप से निर्त्य और संगीत की ब...
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